ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में फिर बिगड़ा मौसम, रायपुर-बिलासपुर समेत कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्य का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्यपाल करेंगे सम्मानित दर्दनाक सड़क हादसा, पेड़ से टकराई बाइक; दो नाबालिगों की मौके पर मौत कर्ज वसूली के नाम पर बर्बरता, महिला और बेटे को बंधक बनाकर पीटा; निर्वस्त्र कर वीडियो बनाने का आरोप नर्मदा में 15 लोगों की जान पर बनी! पेट्रोलिंग बोट का इंजन बंद, तेज बहाव में डूबी नाव भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा - मुख्यम... मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण जल संरक्षण में सूरजपुर का ऐतिहासिक प्रदर्शन- देश में चौथा और छत्तीसगढ़ में मिला पहला स्थान जिस पानी से बुझती है प्यास, वही बढ़ा रहा किडनी की बीमारी का खतरा? सामने आया बड़ा दावा
दुर्ग

लघु सिंचाई प्रणाली के आंकलन हेतु अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण

दुर्ग | सातवीं लघु सिंचाई संगणना और द्वितीय जल निकायों की गणना के क्रियान्वयन हेतु आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस प्रशिक्षण में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, तहसीलदार, और नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी को लघु सिंचाई और जल निकायों की गणना से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। 7वीं लघु सिंचाई संगणना और जल निकायों की दूसरी संगणना का क्रियान्वयन वर्ष 2023-24 के अभिलेखों के आधार पर पटवारियों द्वारा सम्पादित किया जाएगा।
इस संगणना का मुख्य उद्देश्य राज्य में लघु सिंचाई साधनों की पूर्णरूपेण गणना करना, खरीफ, रबी, मौसम में साधनवार सिंचाई क्षेत्रफल ज्ञात करना, लघु सिंचाई साधनों में से कितने साधनों द्वारा पूरक सिंचाई की जाती है यह ज्ञात करना तथा इन साधनों के योगदान का आकलन करना एवं राज्य में जल निकाय की पूर्णरूपेण गणना करना है। लघु सिंचाई कार्यो की विस्तृत संगणना की सिफारिश सबसे पहले योजना आयोग ने 1970 में की थी।

राष्ट्रीय कृषि आयोग ने भारत में लघु सिंचाई की स्थिति की विस्तार से जांच की और सिफारिश की कि सिंचाई स्त्रोतों की संगणना पांच साल में एक बार की जानी चाहिए। इसे ध्यान में रखते हुए 1987-88 में राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को शत-प्रतिशत केन्द्रीय सहायता के साथ एक केंद्रीय योजना लघु सिंचाई सांख्यिकी का युक्तिकरण( आरएमआईएस) शुरू की गई थी। अब तक छह संगणनाएं आयोजित की जा चुकी है।

प्रशिक्षण में अधिकारियों को लघु सिंचाई संगणना, जल निकायों की गणना, और इसके संबंधित प्रपत्रों को भरने की विस्तृत जानकारी दी गई। एडीएम  अरविंद एक्का ने इस अवसर पर अधिकारियों से जल संकट को लेकर सजग रहने और गर्मी में पेयजल की आपूर्ति में कोई भी समस्या उत्पन्न होने पर त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जल संकट के समय सभी को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि कोई भी क्षेत्र जल संकट से प्रभावित न हो। साथ ही, भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर  विरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर  हरवंश सिंह मिरी, संयुक्त कलेक्टर मती लता उर्वशा, डिप्टी कलेक्टर हितेश पिस्दा व लवकेश धु्रव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button